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Hasya Ras in Hindi: हास्य रस की परिभाषा और उदाहरण

Hasya Ras in Hindi- हास्य रस क्या है : परिभाषा तथा इसके उदाहरण 

इस पोस्ट में हिन्दी व्याकरण से हम जानेंगे हास्य रस के बारे में जिसमे सबसे पहले Hasya Ras kya hai in Hindi जानेंगे और आपको यह बताया जाएगा की Hasya Ras- paribhasha aur udaharan क्या है। इस लेख को समझ कर ध्यानपूर्वक पढ़े यहाँ आपको रस की परिभाषा तथा उदाहरण को बहुत आसान शब्दो में समझाया और बताया गया है, जो किसी भी 10वीं या 12वीं के छात्र के लिए उपयोगी है और यह प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उपयोगी है।

Hasya Ras in Hindi

यह महत्वपूर्ण लेख बहुत ही जरूरी है सभी विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए, क्योंकि हास्य रस से संबंधित ऐसे बहुत से प्रश्न हैं, जो 10वीं, 12वीं और विभिन्न प्रतियोगी परिक्षिओं में पूछे जाते है। इसलिए आज hasya ras kise kaha jata hai? पोस्ट में आप क्या जानेंगे इसे नीचे बताया है।

आज आप जानेंगे


1. हास्य रस की परिभाषा (Hasta ras in Hindi)

2. हास्य रस का उदाहरण Example of Hasya ras in Hindi)

3. हास्य रस के अवयव

4. भरतमुनि के अनुसार हास्य रस

इस लेेेख को इतने भागों में मैंने बाँटा है जिससे मैं आपको इसे समझ सकूँ और आप समझ पाए। इसलिए इन तीन topics के बारे के आप detail में जानेंगे।


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1. हास्य रस- Hasya Ras in Hindi


हास्य रस की परिभाषा- हास्य रस का स्थायी भाव हास् है। किसी असाधारण व्यक्ति की असाधारण आकृति, विचित्र वेशभूषा, अनोखी बातें सुनने या देखने से मन मे उत्पन्न स्थायी भाव को 'हास' कहते है और जब हास स्थायी भाव का संयोग विभाव, अनुभाव एवं संचारी भाव से होता है, तो हास्य रस (Hasya Ras kise kahte hai in Hindi) की उत्पत्ति होती है।

रस की परिभाषा भेद और इनके प्रकार

आसान शब्दो में परिभाषा- जब हास नामक स्थायी भाव का विभाव, अनुभाव एवं संचारी भाव से संयोग होता है, तो इससे हास्य रस की उत्पत्ति होती है।

साहित्यदर्पण में कहा गया है- "बागादीवैकृतैश्चेतोविकसो हास इष्यते" अर्थात वाणी रूप आदि के विकारों को देखकर चित्त का विकसित होना 'हास' कहा जाता है।


2. हास्य रस का उदाहरण


हास्य रस की परिभाषा आप समझ चुके है, अब नीचे हास्य रस का उदाहरण हिंदी में दिया गया है।

Example 1.
हाथी जैसा देह, गैंडे जैसी चाल।
तरबूजे सी खोपड़ी,खरबूजे सी गाल।।

Example 2.
बुरे समय को देखकर गंजे तू क्यों रोय।
किसी भी हालत में तेरा बाल न बाँका होय।।

Example 3.
मतहिं पितहिं उरिन भये नीके।
गुरु ऋण रहा सोच बड़ जी के।।

Example 4.
नाना वाहन नाना वेषा।
बिहसे सिव समाज निज देखा।।
कोउ मुख-हीन बिपुल मुख काहू।
बिन पद-कर कोउ बहु पद-बाहु।।

Example 5.
विंध्य के वासी उदासी तपोव्रतधारी माह बिनु नारी दुखारे गौतम तीय तरी तुलसी सो कथा सुनि भे मुनिवृन्द सुखारे।
ह्वै है सिला सब चंद्रमुखी, परसे पड़ मंजूल कंज तिहारे कीन्ही भली रघुनायक जू जो कृपा करी कानन को पगु धारे।।


3. हास्य रस के अवयव


स्थायी भाव-  हास।

आलंबन (विभाव)-  विचित्र वेशभूषा, आकर चेष्ठा एंव आकृति

उद्दीपन(विभाव)-  आलम्बन की अनोखि, चेष्ठाएँ, बातचीत इत्यादि।

अनुभव-  आँखो का मिचमीचना, अट्टहास करना तथा आश्रय की मुस्कान

संचारी भाव-  निद्रा, आलस्य, उत्सुकता ,भ्रम, हर्ष एवं कम्पन इत्यादि।

इन्हें भी देखें:- हिन्दी व्याकरण इस page में हिन्दी व्याकरण के संबंधित सभी पोस्ट दिए गए है, जो सभी विद्यर्थियों के लिए मत्वपूर्ण है।

4. भरतमुनि के अनुसार हास्य रस-


भरतमुनि ने कहा है कि दूसरों चेष्ठा से, अनुकरण से हास उत्पन्न होता है तथा यह हास, स्मिति एवं अतिहसित के द्वारा व्यंजित होता है, "स्मितहासातिहसितैरभिनेय:"


आपने क्या सीखा ? Conclusion


आज आपने Hasya Ras ki paribhasha aur udaharn in Hindi के बारे में Detail में जाना और मुझे उम्मीद है कि अब आप Hasya Ras kya hai in Hindi समझ गए होंगे, यदि किसी exam में हास्य रस से संबंधित कोई प्रश्न जैसे हास्य रस क्या होता है और इसके उदाहरण क्या है, तो इन प्रश्नों का जवाब आप दे पाएँगें।

मुझे आशा है कि यह लेख आपको सही से समझ आ ही गया होगा। यह लेख सभी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है इसलिए इसे अपने दोस्तों और जरूरतमंदों तक जरूर शेयर करें। आपका एक शेयर किसी को हास्य रस की जानकारी प्रदान कर सकता है इसलिए आप इसमें भाग लें और इसे शेयर करें। इससे उन्हें भी Hasya ras: Paribhasha tatha Udaharan in Hindi जानने को मिलेगा।

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